26 October, 2022

दो पल मिले

Wallet साफ़ करते हुए 
कान का एक बूंदा मिला 
कभी जल्द बाज़ी में डाल दिया होगा 
उस pocket में जो कभी खुलता नहीं 

तुम ने पहना था वो बूंदा 
कान में चुभा था 
घर जाते हुए, उतार के दे दिया था मुझे 

उसी बंद pocket में 
हमारे रिश्ते के दो पल ...बंद पड़े थे जाने कब से 

आज यूँ ही सफाई करते हुए...
वही दो पल मिले.....


- पीयू 

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